बेल
शक्तिशाली उपचार लाभों वाला पवित्र आयुर्वेदिक फल
पके फल के गूदे से बना बेल का शर्बत पेट को ठंडा करने, कब्ज दूर करने और एसिडिटी को रोकने के लिए उत्कृष्ट है।
प्रतिदिन खाली पेट 10 मिलीलीटर पत्तों का रस पीना मधुमेह के लिए एक पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार है।
अदरक और काली मिर्च जैसी जड़ी-बूटियों के साथ मिश्रित बेल की जड़ अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और खांसी मे
ं मदद करती है।
पत्तों का रस नेत्रश्लेष्मलाशोथ और रतौंधी में लाभकारी है।
तिल के तेल और बकरी के दूध से तैयार बेल का तेल कान के दर्द और बहरेपन के लिए प्रयोग किया जाता है।
पत्तियों का पेस्ट मुँहासे, अल्सर, फोड़े और जलन में मदद करता है।
ताजा रस कीड़े के काटने और त्वचा के संक्रमण पर लगाया जाता है।