आयुर्वेद की धरोहर

भारतीय सरसों के 5 गजब के फायदे

सरसों के दानो का यदि गरम करके काढ़ा बनाया जाये एवं ठंडे होने पर उसका उपयोग बाल धोने के लिए करें। यह बाल झड़ने को नियंत्रित करता है। यह फोड़े और डैंड्रफ को भी ठीक करता है। साथ ही यह सिर की जुओं को खत्म करने में भी असरदार हे, इस प्रक्रिया को आप हफ्ते में 3 बार दोहरा सकते हें |

अपच और पेट दर्द में भी सरसों बहुत उपयोगी हें, सरसों का चूर्ण बनाकर 1-2 ग्राम चीनी के साथ दिया जाये एवं उसके बाद 1-2 कप पानी पिला दिया जाये तो यह अपच एवं पेट दर्द को प्रभावी रूप से ठीक करेगा|

कान से मवाद या अल्सर होने पर भी यहाँ बहुत लाभकारी हे,100 ग्राम सरसों का तेल उबालें एवं उसे ठंडा होने दें। फिर उसमें 10 ग्राम सरसों, 10 ग्राम लहसुन और 1.5 ग्राम कपूर डालकर ढक दें। जब तेल पूरी तरह ठंडा हो जाए, तब इसे छानकर बोतल में भर लें। इस तेल की 4–5 बूँदें कान में डालें। इससे कान से खून आना बंद होता है और घाव भर जाता है।

हाथ या पैर में मोच आने पर सुजन जेसी स्थिति में यह लाभकारी हे , अरंडी के पत्तो पर सरसों का तेल लगाकर सुजन वाली जगह पर लगाने पर दर्द एवं सुजन में लाभ मिलता हे |

त्वचा रोग (Dermatoses) में सरसों बहुत उपयोगी हे सरसों के चूर्ण को पुराने घी की आठ गुना मात्रा में(यदि 10 ग्राम घी हे तो 80 ग्राम सरसों का ) मिलाकर लेप बनाएँ और प्रभावित स्थान पर लगाएँ। इससे दाग-धब्बे दूर होते हैं और त्वचा साफ होती है।यह लेप खुजली, दाद, एक्जिमा तथा अन्य त्वचा रोगों में लाभकारी है |