आंवला

रोग प्रतिरोधक क्षमता और स्फूर्ति के लिए भारतीय आंवला सुपरफ्रूट के रहस्यों को उजागर करना

आंवला, रीठा और शिकाकाई का काढ़ा तैयार करें। इस काढ़े से बाल धोएँ। इससे बाल मुलायम, घने और लंबे होते हैं। ब्राह्मी आंवला हेयर ऑयल भी बालों के लिए फायदेमंद है।

आंवला और आम की गुठली लेकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बालों पर लगाएँ। इससे बाल मज़बूत और लंबे हो जाएँगे।

जब फल अभी भी पेड़ पर हो, तो उसमें छेद करके उससे निकलने वाले रस को इकट्ठा कर लें। इस रस को आँखों के चारों ओर लगाएँ। इससे सूजन ठीक हो जाती है।

काले बेर (जामुन), आम और आंवले को कांजी के साथ पीसकर लेप बना लें। इस लेप को माथे पर लगाने से नाक से खून आना तुरंत बंद हो जाता है।

अजवाइन, हल्दी, आंवला, यवक्षार और चित्रक को बराबर मात्रा में लेकर 1-2 ग्राम चूर्ण को 2 चम्मच शहद और 1 चम्मच घी के साथ रोगी को चटाने से स्वरयंत्र की सभी प्रकार की समस्याएँ दूर हो जाती हैं।

दस्त के कारण आंतों से अत्यधिक रक्तस्राव होने पर, 10-20 ग्राम आंवला का रस, शहद और 5 ग्राम घी में मिलाकर रोगी को दें। इसके बाद 10 मिलीलीटर बकरी का दूध भी पिलाएँ।