आयुर्वेद की धरोहर: भारतीय सरसों के 10 गजब के फायदे

सरसों के फायदे
सरसों के फायदे
सरसों के फायदे

सरसों के दानो का यदि गरम करके काढ़ा बनाया जाये एवं ठंडे होने पर उसका उपयोग बाल धोने के लिए करें। यह बाल झड़ने को नियंत्रित करता है। यह फोड़े और डैंड्रफ को भी ठीक करता है। साथ ही यह सिर की जुओं को खत्म करने में भी असरदार हे, इस प्रक्रिया को आप हफ्ते में 3 बार दोहरा सकते हें |

अपच और पेट दर्द में भी सरसों बहुत उपयोगी हें, सरसों का चूर्ण बनाकर 1-2 ग्राम चीनी के साथ दिया जाये एवं उसके बाद 1-2 कप पानी पिला दिया जाये तो यह अपच एवं पेट दर्द को प्रभावी रूप से ठीक करेगा|

यदि आपके आँखों की पलक पर फुंसी हो जाये तो सरसों के पाउडर को घी में पिस ले एवं उसे दिन में दो बार पलकों पर लगाये इससे जल्दी लाभ मिलेगा |

पिरड्स के दोरान पेट के दर्द में भी सरसों बहुत लाभकारी हे , पेट में तेज दर्द के दोरान सरसों के पाउडर का लेप बनाकर यदि पेट के निचले हिस्से पर लगाया जाये तो दर्द में लाभ होगा

पेट में मरोड़ से होने वाले दर्द में भी सरसों आराम देता हे, सरसों एवं चीनी को साथ में पीस कर उसके लेप को दर्द वाली जगह लगाने से दर्द में आराम मिलता हे |

हाथ या पैर में मोच आने पर सुजन जेसी स्थिति में यह लाभकारी हे , अरंडी के पत्तो पर सरसों का तेल लगाकर सुजन वाली जगह पर लगाने पर दर्द एवं सुजन में लाभ मिलता हे |

कान से मवाद या अल्सर होने पर भी यहाँ बहुत लाभकारी हे,100 ग्राम सरसों का तेल उबालें एवं उसे ठंडा होने दें। फिर उसमें 10 ग्राम सरसों, 10 ग्राम लहसुन और 1.5 ग्राम कपूर डालकर ढक दें। जब तेल पूरी तरह ठंडा हो जाए, तब इसे छानकर बोतल में भर लें। इस तेल की 4–5 बूँदें कान में डालें। इससे कान से खून आना बंद होता है और घाव भर जाता है।

यदि आपको कभी कांटा चुभ जाये एवं वह त्वचा के अंदर चला जाये तो सरसों के चूर्ण को घी और शहद के साथ मिलाकर उसे उस जगह लगा ले , इससे काँटा ऊपर की ओर आ जाता है और आसानी से निकाला जा सकता है |

त्वचा रोग (Dermatoses) में सरसों बहुत उपयोगी हे सरसों के चूर्ण को पुराने घी की आठ गुना मात्रा में(यदि 10 ग्राम घी हे तो 80 ग्राम सरसों का ) मिलाकर लेप बनाएँ और प्रभावित स्थान पर लगाएँ। इससे दाग-धब्बे दूर होते हैं और त्वचा साफ होती है।यह लेप खुजली, दाद, एक्जिमा तथा अन्य त्वचा रोगों में लाभकारी है |

अफारा (Flatulence) में सरसों लाभकारी हे,
2 ग्राम सरसों का चूर्ण चीनी के साथ दें। इसके बाद 750 मि.ग्रा. से 1 ग्राम चुने का चूर्ण आधे कप पानी में मिलाकर पिलाएँ इससे अफरा में लाभ मिलता हें।